1 साल के बच्चों को खाना कैसे खिलाएं?HealthPlanet

Posted on Fri 21st Oct 2022 : 13:40

छोटे बच्चे की मुस्कुराहट और ऊर्जा को बनाए रखने के लिए उसे हर दो घंटे बाद कोई आहार देना चाहिए।
इसका अर्थ यह है की उसे कुछ न कुछ खाने या पीने के लिए देना चाहिए।
सुबह (7.00 a.m.-7.30 a.m.)
एक गिलास दूध (इसमें लगभग 200-250 मीली तरल होता है) या कोई भी पौष्टिक तरल जैसे जूस आदि दिया जा सकता है। इसके माध्यम से 42 कैलोरी मिल सकती है। यदि नन्हा बादशाह दूध नहीं पसंद करता है तो एक साबुत फल भी दिया जा सकता है। इसमें सेब, मौसम्बी या कोई भी अपनी पसंद का फल दिया जा सकता है।
सुबह का नाश्ता

बच्चे को सुबह के नाश्ते में आप अपनी सुविधा के अनुसार निम्न में से कुछ भी दे सकती हैं (आपकी सुविधा के लिए यहाँ हर नाश्ते में कितनी कैलोरी मिलेगी, यह भी बताया गया है);

दूध के साथ एक इडली, चीनी या चटनी के साथ (इसमें सामान्य रूप से 150 कैलोरी मिलेगी लेकिन फिर भी इडली के आकार पर भी कैलोरी की मात्रा निर्भर करती है)
दूध या चटनी के साथ ½ डोसा (120 कैलोरी )
अपनी पसंद का फलों का कोई जूस और इसके साथ 125 मी.ली ओट्समिल्क दें (100 कैलोरी)
½ कप दूध के साथ कोर्नफ़्लेक्स (150 कैलोरी )
½ गेंहुन का दलिया या दलिया खीर (150 कैलोरी)
1 कप पोहा (150 कैलोरी)
½ कप सूजी उपमा (130 कैलोरी)
1 छोटी पूरी (170 कैलोरी)
1 रोटी और थोड़ी सब्जी (100 कैलोरी)
½ कप पतली खिचड़ी (125 कैलोरी)

हल्का नाश्ता (11 a.m.-11.30 a.m.)

आपका प्यारा बच्चा हल्के नाश्ते में क्या लेना पसंद करता है यह उसके स्वाद और पसंद पर निर्भर करता है। इसके अनुसार आप उसे फल, फलों का रस, दूध या अंडा आदि दे सकतीं हैं।
1 उबला अंडा (87 कैलोरी)
फलों का जूस 100 मिलि- दूध के साथ सेब (100 कैलोरी)मौसम्बी (60 कैलोरी) मैंगो मिल्क शेक (100 कैलोरी ) ऑरेंज जूस (60 कैलोरी)
साबुत फल -कोई भी फल आधा काट कर (औसतन 100 कैलोरी)
मैरी या होर्लिक्स बिस्किट -2
थोड़ा सा नाश्ता जिसमें 1 काजू, 1 सूखा अंगूर और दूसरे मेवे दिये जा सकते हैं

दोपहर का खाना (12.30-1.30)

दोपहर का खाना देते समय इस बात का ध्यान रखें की बच्चों के खाने में दाल और सब्जी को ज़रूर शामिल करें। इससे उन्हें पूरा पोषण और विटामिन मिलता है जो उनके सम्पूर्ण विकास के लिए बहुत जरूरी होता है।

1 कप दाल और चावल, घी और सब्जी के साथ औसतन 200-250 कैलोरी देता है। सब्जियों की मात्रा थोड़ी ही रखें, बच्चों को देने से पहले उन्हें उबाल लें जिसमें बहुत कम मात्रा में नमक और काली मिर्च मिला लें। इन सब चीजों को अर्द्धतरल अवस्था में बना कर हाथ से अच्छी तरह से मसल लें। यदि आप चाहें तो इसे मिक्सी में भी मिला सकतीं हैं लेकिन इससे इन सभी का मूल स्वाद चला जाता है।
दाल और चावल के साथ दही और छाछ भी दिया जा सकता है।
अगर आप मांसाहारी हैं तो हफ्ते में तीन बार चिकन, फिश आदि भी दिये जा सकते हैं। लेकिन इन्हें बच्चों को देने से पहले अच्छी तरह उबाल लें। कुछ लोग मटन भी पसंद करते हैं लेकिन मेरा सुझाव है की इसे पचाना थोड़ा कठिन होता है इसलिए छोटे बच्चों को मटन देने से परहेज करना चाहिए।
आप सब्जियों के स्थान पर उबला अंडा भी दे सकतीं हैं। लेकिन एक दिन में एक अंडा ही दें। बच्चे को उबला या मसला हुआ अंडा ही दें, आधा उबला या कच्चा अंडा न दें क्यूंकी बच्चे इसे आसानी से पचा नहीं पाते हैं और उन्हें दस्त होने की संभावना हो जाती है।

शाम का नाश्ता (4 बजे )

2-3 बिस्किट
रागी खीर
एक ब्रेड स्लाइस,मक्खन या जैम के साथ (50-70 कैलोरी)
किसी केक का टुकड़ा (100 कैलोरी)
½ कप उबले चने, इनमें स्वाद बढ़ाने के लिए आप थोड़ी सी बारीक कटी प्याज़, बारीक कटा धनिया आदि भी मिला सकतीं हैं। इसी प्रकार आप इसी प्रकार की अन्य चीजें जैसे लोबिया आदि भी उबाल कर दे सकतीं हैं।

रात का खाना (8 बजे)

किसी भी वयस्क की भांति, छोटे बच्चों के लिए भी रात का खाना दिन भर के खाने की तुलना में हल्का होना चाहिए। इस खाने में अधिक तेल या घी की मात्रा नहीं होनी चाहिए। इसमें आप इनमें से कुछ भी दे सकतीं हैं:

1 इडली
½ डोसा
½ कप ओट्स मील
½ कप गेहूं दलिया

यदि आपके नन्हें शहंशाह यह सब खा कर ऊब गए हैं तो उनका स्वाद बदलने के लिए आप हफ्ते में एक बार एक गिलास दूध भी दे सकतीं हैं। लेकिन ध्यान रहे, इसे आदत न बनने दें।
पानी

“जल ही जीवन है और जल से ही जीवन है ” इस बात को भी आप न भूलें !!!!

जब बच्चा 1-3 वर्ष की आयु का होता है तो उसे दिन में 1.3 लीटर पानी की ज़रूरत होती है। इस आयु में इतनी मात्रा पानी की बच्चे के शरीर में पानी की कमी नहीं होने देती है।
बाहर का खाना

आजकल लगभग हर परिवार अपने रोज की दिनचर्या में बदाव लाने के लिए हफ्ते में एक या दो बार रेस्टरोंट में खाना खाने के लिए जाना पसंद करते हैं। ऐसे में आपके साथ अगर आपके साथ छोटा बच्चा हो तो आप निम्न उपायों का सहारा ले सकते हैं:

बच्चों के लिए हमेशा घर से ही पानी लेकर जाएँ, होटल और रेस्टुरेंट में मिलने वाले मिनरल पानी पर अधिक भरोसा न करें। आजकल इस प्रकार के पानी के साथ छेड़-छाड़ की शिकायतें भी बहुत आ रहीं हैं।
बच्चों को कभी भी जंक फूड जैसे फ्रेंच फ्राई आदि न दें।
आप कच्चे सलाद और चटनी की तुलना में बच्चों को देने के लिए उबला हुआ खाना ही ऑर्डर करें।
मीठे डेजर्ट को ऑर्डर करने से बचें।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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